ALL ग्वालियर संभाग राष्ट्रीय बिग ब्रेकिंग भोपाल संभाग उज्जैन संभाग जबलपुर संभाग सागर संभाग नर्मदापुरम संभाग इन्दौर संभाग CRIME NEWS
देश में कोरोना वायरस से निपटने के लिए लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ाया गया
May 17, 2020 • MAHESH MAWLE (EDITOR) 9407505550 • राष्ट्रीय

कोरोना वायरस (कोविड-19) से निपटने के लिए लागू लॉकडाउन की अवधि 31 मई तक बढ़ा दी गई है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने रविवार (17 मई) शाम को यह जानकारी दी। एनडीएमए ने कहा कि कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाया गया है और नए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की तरफ भारत सरकार/राज्य सरकार और राज्य अथॉरिटीज को लॉकडाउन बढ़ाने का निर्देश देते हुए कहा गया है कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए देश में लॉकडाउन को बढ़ाने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गत मंगलवार (12 मई) को राष्ट्र के नाम संबोधन में ही स्पष्ट कर दिया था कि देश में 18 तारीख से पूर्णबंदी का चौथा चरण शुरू हो जाएगा और यह पूरी तरह नए रंग रूप वाला होगा।

हालांकि उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं कहा था कि इस चरण में किसी चीज में और कितनी छूट दी जाएगी।
कोरोना महामारी के खिलाफ चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत देश भर में गत 25 मार्च से पूर्णबंदी लागू है और इसके तीन चरण पूरे हो चुके हैं। पहला चरण 25 मार्च से 14 अप्रैल, दूसरा 15 अप्रैल से तीन मई और तीसरा चरण चार मई से 17 मई तक था।
लॉकडाउन का पहला चरण
पहले चरण में केवल आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर लगभग ज्यादातर गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध था। सार्वजनिक परिवहन भी पूरी तरह बंद कर दिया गया था।
लॉकडाउन का दूसरा चरण
दूसरे चरण में कुछ ढील देते हुए जरूरी सामान की आपूर्ति के साथ साथ गैर जरूरी सामान की आपूर्ति को भी कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई थी। इसी के अनुरूप ट्रकों आदि को एक से दूसरे राज्य में जाने की ढील भी दी गई थी।
लॉकडाउन के तीसरा चरण
तीसरे चरण में पूरे देश को संक्रमण की स्थिति के आधार पर तीन चरणों रेड, ओरेंज और ग्रीन जोन में बांटा गया था। रेड जोन को भी कंटेनमेंट और गैर कंटेनमेंट क्षेत्रों में बांटा गया था।

इन कामों पर रहेगी रोक
-मेट्रो रेल सेवाओं पर रोक जारी रहेगी. स्कूल, कॉलेज, सभी प्रकार के शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे.

ऑनलाइन पढ़ाई पर कोई रोक नहीं है.

-होटल, रेस्त्रां, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल्स, जिम, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, बार और ऑडिटोरियम बंद रहेंगे.-सभी सामाजिक, राजनैतिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक आयोजनों पर पूरी तरह से रोक जारी रहेगी.

-सभी सार्वजनिक धार्मिक स्थान बंद रहेंगे. धार्मिक बैठकों पर पूरी तरह से रोक रहेगी

कंटेनमेंट जोन में सख्ती बरकरार रहेगी यहां सिर्फ जरूरी सामानों की दुकानें खुलेंगी और ई-कॉमर्स के जरिए भी जरूरी सामान ही मंगवाया जा सकेगा.

कंटेनमेंट जोन छोड़कर बाकी जगहों पर शुरू हो जायेंगीं ये गतिविधियां-

1. यात्री गाड़ियों और बसों से अंतरराज्यीय यात्राएं. हालांकि इसमें राज्यों की अनुमति होना भी जरूरी होगा.

2. राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश का राज्य के अंदर शुरू किया गया यातायात.

3. लोगों की गतिविधियों के लिए तय किए गये स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत गतिविधियां.

जोन के आधार पर बांटे गए थे इलाके
लॉकडाउन के तीसरे चरण (Lockdown 3.0) में कोरोना वायरस के केस के मुताबिक देश के हिस्सों को ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन के आधार पर बांटा गया था. इनमें जहां पिछले दिनों में एक भी केस सामने नहीं आया था उन्हें ग्रीन जोन में रखा गया था. रेड जोन में अधिक संक्रमण दर और केस दोगुने होने की रफ्तार के हिसाब से तय किए गए क्षेत्रों को रखा गया था. वे जिले, जिन्हें न तो रेड और न ही ग्रीन जोन में रखा गया था वे सभी जिले ऑरेंज जोन के अंतर्गत शामिल किए गए थे. ये वर्गीकरण इसी प्रकार जारी रहेगा.

कोरोना वायरस संक्रमण फैलने को लेकर देश के सबसे संवेदनशील इलाकों को कंटेनमेंट जोन कहा जाता है. यह रेड और ऑरेंज जोन में आते हैं. इन क्षेत्रों में संक्रमण फैलने का खतरा सबसे ज्यादा होता है.

ग्रीन जोन में इस कार्यों की थी इजाजत
लॉकडाउन के तीसरे चरण में सभी जोन में जरूरी सेवाएं दे रहे लोगों को छोड़कर अन्‍य सभी के लिए शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक आवाजाही की कड़ी पाबंदी लगाई गई थी.

ग्रीन जोन में उन सभी चीजों को छोड़कर सभी कार्यों की अनुमति दी गई थी जिनपर देश भर में पूर्ण प्रतिबंध लागू है. यहां बसें 50% तक बैठने की क्षमता के साथ काम कर रही हैं और बस डिपो 50% क्षमता पर चल रहे हैं. यहां भी स्‍कूल-कॉलंज समेत सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, जिम, बार बंद हैं. इसके अलावा दूसरे राज्‍यों के लिए परिवहन भी बंद है.

ऑरेंज जोन में रेड जोन में दी गई सभी अनुमतियों के अलावा टैक्सी और कैब कंपनियों को केवल 1 ड्राइवर और 2 यात्री के साथ काम की अनुमति दी गई थी.

साभार 
लाईव हिन्दुस्तान