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समय पर पर्याप्त इलाज ना मिलने से दो व्यक्तियों की हुई असामयिक मौत
May 28, 2020 • महेश मावले (सम्पादक) 9407505550 • इन्दौर संभाग

बुरहानपुर (मेहलका अंसारी) लाक डाउन और कर्फ्यू में मोहल्लों के दवाखाने एवं क्लीनिक बंद होने से एवं समय पर पर्याप्त इलाज ना मिल पाने के कारण दो व्यक्तियों की प्रकृतिक मौत का मामला सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं लायंस क्लब बुरहानपुर के अध्यक्ष डॉक्टर एस एम तारिक से प्राप्त जानकारी के अनुसार असलम साहब पिता मकतूम साहब, उम्र 75 वर्ष, निवासी दाऊदपुरा, बुरहानपुर जोकि हृदय एवं शुगर की बीमारी से पीड़ित होकर कंटेंटमेंट क्षेत्र में निवासरत थे, की तबीयत अचानक बिगड़ने के कारण दिनांक 27 मई 2020 को उन्हें जिला चिकित्सालय भेजने हेतु डॉक्टर एस एम तारिक़ के मार्फत एंबुलेंस बुलाने हेतु सूचना दी गई। डॉक्टर एस एम तारिक़ ने बताया कि एंबुलेंस उसका ड्राइवर निंबोला में था और क्षेत्र तक पहुंचने में बैरिकेट्स के कारण लगभग 45 मिनट का समय लग गया और इसी दौरान मरीज के नाक से खून जारी हो गया और थोड़ी देर बाद वह परलोक सिधार गए। एक दूसरे प्रकरण के बारे में कासिम एंब्रॉयडरी के संचालक निहाल अंसारी ने बताया कि शेख महबूब कुरेशी पिता शेख यासीन पहलवान उम्र 73 साल निवासी गुलमोहर मार्केट/आजाद नगर, बुरहानपुर की भी इलाज के अभाव में 27 मई 2020 को एक और नेचुरल मौत का मामला सामने आया है। पारिवारिक सूत्रों के हवाले से नेहाल अंसारी ने बताया कि शेख महबूब कुरैशी भी विगत 4 वर्षों से हृदय रोग से पीड़ित थे और उनका इलाज डॉ रमेश कपड़िया के मार्गदर्शन में चलता था, किंतु लाक डाउन के नियमों की अनदेखी के कारण उनके क्लीनिक को सील किए जाने के बाद उन्होंने अपना दवाखाना चालू नहीं किया, हालांकि उनके क्लीनिक को प्रशासन द्वारा बहाल कर दिया गया था किंतु हर आदमी यह चाहता है कि कानूनी पचड़े में ना उलझे, इस कारण उन्होंने अपना क्लीनिक बंद किया हुआ है। यह शहर का एकमात्र क्लीनिक था, जिसकी सेवाएं जनता को 24 घंटे सदैव उपलब्ध रहती थी, लेकिन इसे भी बंद करा दिया गया है। शेख महबूब कुरेशी की तबीयत खराब होने पर उनके परिजन उन्हें एप्पल हॉस्पिटल ले गए, लेकिन वहां के चिकित्सकों द्वारा मना किए जाने पर उन्हें ऑल इज वेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन थोड़ी देर बाद उनका निधन हो गया। ऑल इज वेल अस्पताल द्वारा नियमों के तहत शव को देने से इंकार करने पर वहीं से लाश को तैयार करके इतवारा गेट के बाहर चुप शाह के सामने वाले कब्रिस्तान में लेे जा कर उन्हें सुपुर्द ए खाक किया गया। इस प्रकार 27 मई को लाक डाउन और कर्फ्यू के कारण समय पर पर्याप्त इलाज ना मिलने के कारण दो मौत हुई है।