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तंगहाली से जूझते पत्रकारों की आर्थिक स्थिति पर भी ध्यान दे सरकार, कोविड19 योध्दा कल्याण योजना में पात्र कर्मी करें घोषित- महेश मावले , लाॅक डाऊन में प्रशासन सहित राजनेताओं एवं समाजसेवी संस्थानों ने भी नही ली खबर, थैंक्यू सर्विस से घर नही चलता
June 14, 2020 • महेश मावले (सम्पादक) 9407505550 • इन्दौर संभाग

बुरहानपुर- कोरोना वायरस के भय से पूरे देश में लॉकडाउन होने से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के सामने भूख और आर्थिक संकट की समस्या खड़ी हो गयी है। ऐसे में केंद्र सरकार के साथ-साथ सभी राज्य सरकारें लोगों की मदद करने में जुटी हैं. लेकिन जो लोग अपनी जान की परवाह किए बगैर जनसेवा में जुटे हैं, उनकी मदद का ख्याल ना प्रशासन को, ना राजनेताओं को ना समाजसेवी कार्यकर्ताओं को नहीं आ रहा है।

इनमें स्वतंत्र पत्रकार और छोटे व मध्यम संस्थानों के मीडिकर्मी काफी तंगहाली से गुजर रहे हैं ।कोरोना वायरस के मद्देनजर भारत सरकार द्वारा आहूत लॉकडाउन अभियान का पूरा देश पालन कर रहा है। ऐसे में सहयोग की भावना कोरोना से लड़ाई में डॉक्टरों, चिकित्साकर्मियों, पुलिस, प्रशासन के साथ ही मीडियाकर्मी भी कंधे-से-कंधा मिलाकर चल रहे हैं और कोरोना से बचाव के तरीके तथा संक्रमण की जानकारियाँ लोगों तक पहुँचाने का कार्य सफलतापूर्वक कर रहे हैं। मीडियाकर्मियों को अन्य योद्धाओं की तरह तालियाँ तो मिली लेकिन आर्थिक सहयोग के लिए सभी ने मुँह मोड लिया।

इस समय न्यूज चैनल और बड़े समाचार पत्रों के पत्रकारों और इस पेशे से जुड़े अन्य कर्मियों को इतनी तकलीफ और परेशानी नहीं है, जितनी कि छोटे, मझोले और स्वतंत्र पत्रकारों को है. हमेशा तंगहाली में गुजर करने वाले यह लोग आज आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं। लोगों को सचेत करने वाले छोटे और मझोले समाचार पत्रों एवं मीडिया संस्थानों के मालिक इस विकट परिस्थिति में अपने कर्मचारियों को वेतन देने में असमर्थ दिखाई पड़ रहे हैं। स्वतंत्र पत्रकारों को इस समय और भी मुश्किलें आ रही हैं। इसके अलावा इस डिजिटल युग में सोशल मीडिया और वेबसाइट पर समाचार उपलब्ध कराने कराने वाले पत्रकारों की आर्थिक स्थिति भी बहुत खराब है।

प्रेस वैलफेयर ट्रस्ट के महासचिव महेश मावले ने मध्यप्रदेश सरकार से यह माँग की है कि छोटे मीडिया संस्थानों, पत्रकारों और स्वतंत्र पत्रकारों की आर्थिक स्थिति के विषय में विचार करें। इससे न केवल इस क्षेत्र में लगे मीडियाकर्मियों को राहत मिलेगी, बल्कि उनको और उनके परिवार को भी आर्थिक सहायता मिल सकेगी। और साथ ही मध्यप्रदेश में पत्रकारों को भी कोरोना योद्धा के रूप में मान्यता प्रदान करें । मुख्यमंत्री कोविड-19 योध्दा कल्याण योजना में पात्र कर्मी घोषित किया जाये

सरकारों को जवाबदेह तथा जनता व विपक्ष को जागृत रखने में पत्रकारों ने सदैव अपनी भूमिका अदा की है। कोरोना के इस संकट काल में सभी पत्रकारों ने अपना काम ईमानदारी से किया है, हर खबर को जनता तक पहुँचा कर हमने भी कोरोना योद्धा की भूमिका निभाई, कई जगहों पर बीमार भी हुए पर इनमें से अधिकांश मीडिया बंधुओं को भी आर्थिक दिक्कतें है। हालांकि मध्य प्रदेश में अधिमान्य पत्रकारों के लिए सरकार की बहुत सारी योजनाएं है लेकिन ऐसे बहुत से पत्रकार साथी है जिन्हें अधिमान्यता नहीं प्राप्त हो सकी। ना सरकार से बिना अधिमान्य पत्रकारों के लिए कोई दूसरी अन्य योजना है।