ALL ग्वालियर संभाग राष्ट्रीय बिग ब्रेकिंग भोपाल संभाग उज्जैन संभाग जबलपुर संभाग सागर संभाग नर्मदापुरम संभाग इन्दौर संभाग CRIME NEWS
तिरकूट काढ़े से छन कर आई कहानी सच्ची* *स्वस्थ शरीर ही, जीवन की पूंजी है* *प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर व्यक्ति विभिन्न रोगों को मात दे सकता है*
September 9, 2020 • महेश मावले (सम्पादक) 9407505550 • इन्दौर संभाग

बुरहानपुर (मेह लका अंसारी)प्रतिरोधक क्षमता, जो मानव शरीर को विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाता है, जिस व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता प्रबल होती है वह होने वाली तरह-तरह की बीमारियों से लड़ने में सक्षम होता है। इंदौर संभाग का केला उत्पादित जिला, महाराष्ट्र सीमावर्ती जिला बुरहानपुर जहां वर्तमान में फैली वैश्विक महामारी कोविड-19 का आगमन माह अप्रैल में हुआ, यह वायरस जनित बीमारी है, जो धीरे-धीरे अपनी जडे़ फैला रही है। कोविड-19 कोरोना वायरस की इन्हीं जड़ों को रोकने तथा मानव जीवन को सुरक्षित करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार आयुष विभाग के डाक्टर कलीम अंसारी ने अपनी महती भूमिका निभाते हुए कोरोना काल में लोगों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक त्रिकूट काढे़ का वितरण प्रारंभ किया। बुधवारा निवासी श्री स्वप्निल बारी ने बताया कि आयुष विभाग द्वारा दिये गये त्रिकूट काढे़ का सेवन करने से मेरी प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि हुई जिससे मैं खुद को स्वस्थ एवं तंदुरूस्त महसूस करता हूँ। उन्होंने बताया कि त्रिकूट काढ़ा सेवन करने पर इसका स्वाद शुरूआत में तो तीखा लगता है लेकिन कुछ दिन बाद आदत में आ जाता है। यह भले ही स्वाद में तीखा हो लेकिन इसका फायदा बहुत अच्छा और लंबे समय तक रहता है। उन्होंने अपने संदेश में सभी से कहा है कि इस त्रिकूट काढे़ का प्रतिदिन सेवन करते रहना चाहिए, ताकि शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि हो और इस कोरोना वायरस संक्रमण के साथ-साथ अन्य बीमारियों से भी हमें लड़ने की शक्ति मिल सकें। आयुष विभाग द्वारा जिले में कोरोना वायरस से लोगों को बचाने एवं उनकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए निरंतर त्रिकूट काढे़ के पैकेट का वितरण कंटेनमेंट क्षेत्रों तथा अन्य क्षेत्रों में डोर-टू-डोर किया जा रहा है। जिससे कोरोना से ग्रस्त मरीजों के ठीक होने की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। जिससे वह स्वयं को होने वाली बीमारियों से बचा सकें। कहा जाता है कि ‘‘स्वस्थ शरीर ही, जीवन की पूंजी‘‘ होती है।